भोपाल। साइबर क्राइम ब्रांच भोपाल ने “ऑपरेशन FACE” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी सिम एक्टिव करने वाले दो पीओएस एजेंटों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा एक ही व्यक्ति के चेहरे पर 246 से अधिक सिम कार्ड फर्जी नाम-पते पर जारी किए जाने का खुलासा हुआ है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने ग्राहकों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर अलग-अलग नाम और पते पर सिम एक्टिव कीं। जांच में सामने आया कि एक ही व्यक्ति की फोटो का उपयोग कर करीब 250 सिम कार्ड जारी किए गए थे।
मुखबिर सूचना और तकनीकी जांच से खुलासा
डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन (DOT) से प्राप्त जानकारी और एआई आधारित फेसियल रिकग्निशन टूल के माध्यम से संदिग्ध सिम एक्टिवेशन की पहचान की गई। इसके आधार पर साइबर क्राइम टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में देवेन्द्र यादव (34) निवासी जहांगीराबाद एवं मो. सैफ कुरैशी निवासी इतवारा शामिल हैं। दोनों पीओएस एजेंट के रूप में कार्यरत थे।
ऐसे करते थे फर्जीवाड़ा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अधिक सिम बेचने पर मिलने वाले प्रोत्साहन के लालच में ग्राहकों के दस्तावेजों की कॉपी रख लेते थे और उन्हीं दस्तावेजों का उपयोग कर फर्जी नाम-पते पर सिम कार्ड एक्टिव कर बेचते थे।
मोबाइल और सिम कार्ड जब्त, नेटवर्क की जांच जारी
एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से 2 मोबाइल फोन एवं 2 सिम कार्ड जब्त किए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि इन सिम कार्डों का उपयोग साइबर अपराधों में किया गया हो सकता है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, आईटी एक्ट एवं दूरसंचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
एडवायजरी
सिम लेते समय अगर विक्रेता बार-बार प्रक्रिया करने को कहे तो सतर्क रहें।
अपने आधार कार्ड से जारी सिम की जानकारी संचार साथी पोर्टल पर जरूर जांचें।