बड़े तालाब की सेहत सुधारने के लिए सांसद आलोक शर्मा का ‘एक्शन प्लान’, बोले— अवैध निर्माण और ड्रग्स पार्टियां बर्दाश्त नहीं

भोपाल | राजधानी की ऐतिहासिक धरोहर और जीवनरेखा बड़ा तालाब के संरक्षण, अतिक्रमण मुक्ति और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सोमवार को कलेक्टर कार्यालय में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सांसद आलोक शर्मा ने की।

बैठक में तालाब का नए सिरे से सर्वे कर मास्टर प्लान तैयार करने, सीमांकन मजबूत करने और प्रदूषण रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने पर सहमति बनी। सांसद शर्मा ने कहा कि तालाब के किनारे अवैध निर्माण और फार्म हाउस गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी।

सांसद ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की समीक्षा करते हुए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों के पालन की स्थिति पर भी जानकारी मांगी। इस पर कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह ने सभी एसडीएम से क्षेत्रवार रिपोर्ट ली और एक सप्ताह के भीतर बड़े अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। साथ ही हर सप्ताह समीक्षा बैठक आयोजित करने की बात कही।

बैठक के दौरान सांसद ने यह भी कहा कि शहर में मेट्रो लाइन, स्मार्ट रोड और अन्य विकास कार्यों के दौरान कई बार भूमि स्वामित्व को लेकर आपत्तियां सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में वक्फ बोर्ड की भूमि बताकर कार्यों को रोका जाता है, जिससे विकास प्रभावित होता है। इस विषय पर स्पष्ट सीमांकन और वैधानिक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए, ताकि शहर के विकास और विरासत संरक्षण दोनों में संतुलन बना रहे।

सांसद ने नगर निगम से पूछा कि बड़े तालाब में गिरने वाले गंदे नालों को रोकने के लिए कितने एसटीपी संचालित हैं, कितने नालों का पानी अब भी तालाब में मिल रहा है और भविष्य की क्या कार्ययोजना है।

उन्होंने कहा कि कभी लगभग 39.8 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाला तालाब लगातार सिमट रहा है। इसलिए सीमांकन, पुनः सर्वे और मास्टर प्लान के माध्यम से इसके मूल स्वरूप को सुरक्षित करना आवश्यक है। सेप्ट, केपीएमजी और अन्य एजेंसियों की सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा सीमांकन चिह्नों को पुनः स्थापित करने की मांग भी की गई।

बैठक में कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह, एडीएम अंकुर मेश्राम, नगर निगम के अपर आयुक्त तन्मय वशिष्ठ शर्मा, सभी संबंधित एसडीएम, पूर्व बीडीए अध्यक्ष कृष्णमोहन सोनी, भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष गोविंद गोयल, क्रेडाई अध्यक्ष मनोज मीक, भोपाल नर्सिंग एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. अनूप हजेला, डॉ. शैलेश लुनावत, सुनील जैन (501), पर्यावरण मित्र सुयश कुलश्रेष्ठ, नितिन सक्सेना, उमाशंकर तिवारी सहित एप्को, मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राजस्व और नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।

सांसद ने कहा कि तालाब में सीवेज का प्रवाह पूरी तरह रोका जाए, सोर्स एरिया सुरक्षित रखा जाए और आसपास किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। नए मास्टर प्लान के साथ बड़े तालाब का दीर्घकालिक संरक्षण ही शहर के सतत विकास का आधार होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *