भोपाल | ईदगाह हिल्स स्थित गुरुद्वारा गुरु नानक टेकरी साहिब में आयोजित 7 दिवसीय गुरमत शिक्षा कैंप के दूसरे दिन बच्चों को धर्म, नैतिकता और सिख पंथ के स्वर्णिम इतिहास के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं से व्यावहारिक रूप से अवगत कराया गया। कैंप के दौरान बच्चों के मन में यह संकल्पना स्पष्ट की गई कि गुरुद्वारे जाना हमारे जीवन और मानसिक अनुशासन के लिए क्यों आवश्यक है।
कैंप के बौद्धिक सत्र में बच्चों को सिख इतिहास के उन महान जरनैलों जस्सा सिंह रामगढ़िया, जस्सा सिंह आहलूवालिया एवं सरदार बघेल सिंह जी के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराया गया, जिन्होंने 17वीं शताब्दी में मुगल साम्राज्य की दमनकारी नीतियों के खिलाफ लोहा लेते हुए दिल्ली फतेह की थी और लाल किले पर निशान साहिब फहराया था।
अमृतसर से विशेष रूप से आए प्रचारक भाई गुरपिंदर सिंह जी ने बच्चों को सिक्खी सिद्धांतों के मूल आधार केशों का महत्व और दस्तार पगड़ी क्यों जरूरी है के बारे में विस्तार से समझाया। वहीं, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी SGPC अमृतसर के सचखंड श्री दरबार साहिब के हजूरी रागी जत्थे भाई सुखप्रीत सिंह जी ने बच्चों को शबद कीर्तन का गायन और उसकी बारीकियां सिखाईं। इसके साथ ही भाई संतोख सिंह द्वारा दस्तार सजाने सिखलाई और भाई गुरप्रीत सिंह द्वारा सिख मार्शल आर्ट गतका की कड़ी ट्रेनिंग दी गई।
कैंप का एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक आयोजित हो रहा है। इसमें अमृतसर के ज्ञानी बलदेव सिंह जी द्वारा सिख रहत मर्यादा के तहत भोपाल के विभिन्न गुरुद्वारों से आए रागी जत्थों और ग्रंथी सिंहों को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सहज पाठ एवं अखंड पाठ की शुद्धता, मर्यादा और अनिवार्य नियमों से अवगत कराया जा रहा है, ताकि धार्मिक अनुष्ठानों की शुचिता बनी रहे।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, गुरुद्वारा नानकसर हमीदिया रोड के अध्यक्ष सरदार परमवीर सिंह ने बताया कि बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए यह कैंप प्रतिदिन सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक पूरी मुस्तैदी से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समूचे भोपाल के विभिन्न इलाकों से बच्चों को सुरक्षित लाने और वापस घर छोड़ने के लिए गुरुद्वारा कमेटी द्वारा निशुल्क परिवहन वाहनों का विशेष प्रबंध किया गया है।