भोपाल। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे “नशे से दूरी” अभियान के तहत भोपाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शातिर गांजा तस्कर शेलू उर्फ शैलेश संकत के खिलाफ PIT-NDPS एक्ट के तहत 6 माह का निरोध आदेश जारी कराया है। भोपाल पुलिस के इतिहास में पहली बार इस कानून के तहत किसी आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित कुल 42 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। आदेश के पालन में उसे केंद्रीय जेल इंदौर में निरुद्ध किया जाएगा।
पुलिस के अनुसार बागसेवनिया थाना पुलिस द्वारा मादक पदार्थों की अवैध तस्करी में शामिल आदतन एवं संगठित अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शेलू उर्फ शैलेश संकत, निवासी नई बस्ती बागसेवनिया के आपराधिक रिकॉर्ड और लगातार मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्तता को देखते हुए PIT-NDPS एक्ट, 1988 की धारा 3(1) के तहत निरोधात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार किया गया था। प्रस्ताव के परीक्षण के बाद आयुक्त, भोपाल संभाग ने आरोपी के विरुद्ध 6 माह का निरोध आदेश जारी किया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी वर्ष 2020 से अवैध गांजा के संग्रहण, परिवहन और बिक्री में लगातार संलिप्त रहा है। वह बाहरी क्षेत्रों से गांजा लाकर भोपाल में तस्करी करता था। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए वह बिचौलियों और एजेंटों के माध्यम से अपना नेटवर्क संचालित कर रहा था। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित कुल 42 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस का कहना है कि पूर्व में की गई कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई के बावजूद आरोपी की आपराधिक गतिविधियों पर रोक नहीं लग सकी। हाल ही में जेल से रिहा होने के बाद वह दोबारा मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय हो गया था। उसकी लगातार आपराधिक गतिविधियों, विस्तृत आपराधिक रिकॉर्ड और समाज व युवा वर्ग पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को देखते हुए बागसेवनिया पुलिस ने सुदृढ़ साक्ष्यों एवं तथ्यों के आधार पर निरोधात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार कर आयुक्त, भोपाल संभाग को भेजा था।
PIT-NDPS एक्ट एक निवारक निरोध कानून है, जिसके तहत मादक पदार्थों की अवैध तस्करी, परिवहन और संग्रहण में आदतन या संगठित रूप से शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध भविष्य में अपराध रोकने के उद्देश्य से निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने इसे नशा तस्करों के खिलाफ कड़ा संदेश बताते हुए कहा कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल आदतन अपराधियों के विरुद्ध आगे भी इसी तरह प्रभावी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।