भोपाल। ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले एक शातिर चोर को जीआरपी भोपाल ने गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी के कब्जे से सोने के मंगलसूत्र का पेंडल, एक जोड़ी झुमके, दो सोने की चैन, दो लेडीज अंगूठियां सहित लगभग सात लाख रुपये कीमत के आभूषण बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ऑनलाइन वेटिंग गेम की लत के चलते आर्थिक तंगी में फंस गया था, जिसके बाद वह भोपाल आकर ट्रेनों के एसी कोच में चोरी की वारदातों को अंजाम देने लगा।
लखनऊ निवासी प्रांजल दीक्षित पुणे यूनिवर्सिटी से बीटेक पास है और विदेश से लौटने के बाद ऑनलाइन गेमिंग में लगातार पैसों की हार के कारण कर्ज और आर्थिक दबाव में आ गया था। इसी वजह से उसने ट्रेन यात्रियों के पर्स चोरी करने का तरीका अपनाया। आरोपी ट्रेन के एसी कोच में सफर कर रहे यात्रियों के सो जाने के बाद उनके सिरहाने रखे पर्स पर हाथ साफ करता था।
पुलिस के अनुसार 20 जनवरी 2026 को अफशा बेगम उम्र 52 वर्ष, निवासी वजीरपुर आगरा, राधजानी एक्सप्रेस के ए-1 कोच में आगरा से मुंबई की यात्रा कर रही थीं। भोपाल स्टेशन पर ठहराव के दौरान अज्ञात बदमाश ने नींद का फायदा उठाकर उनका लेडीज पर्स चोरी कर लिया, जिसमें सोने के आभूषण, 35 हजार रुपये नकद और जरूरी कागजात थे। मुंबई पहुंचने पर फरियादी ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद जीआरपी भोपाल ने तत्काल जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने करीब 200 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालते हुए आरोपी की पहचान की और उसके आने-जाने के रूट का विश्लेषण किया। लगातार निगरानी के बाद 30 जनवरी 2026 को आरोपी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने भोपाल जीआरपी क्षेत्र में हुई चार चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी ने बताया कि चोरी से मिले नगद रुपये उसने ऑनलाइन गेमिंग में खर्च कर दिए थे।
जीआरपी भोपाल ने आरोपी से चार मामलों में चोरी गए सोने के आभूषण कुल लगभग सात लाख रुपये कीमत का मशरूका बरामद कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि की तस्दीक और अन्य मामलों से जुड़ी जांच जारी है।