
भोपाल। दिल्ली पब्लिक किड्स स्कूल, बाग मुग़लिया भोपाल में वार्षिक उत्सव समारोह का आयोजन हर्षोल्लास और रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा मां सरस्वती और गणेश जी की आराधना से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। इसके बाद प्ले ग्रुप और नर्सरी कक्षा के बच्चों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वाति मुराब वाडेकर, एआईजी वुमन सिक्योरिटी ब्रांच उपस्थित रहीं, जिन्होंने दीप प्रज्वलन कर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर गेस्ट ऑफ ऑनर, दीपक माथुर एवं स्कूल की प्राचार्य कुसुम माथुर भी मंच पर मौजूद रहीं। स्कूल परिवार की ओर से अतिथियों का पुष्पगुच्छ और मोमेंटो भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि स्वाति मुराब वाडेकर ने मंच से अभिभावकों को संबोधित करते हुए बच्चों की परवरिश से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में बच्चों को मोबाइल से दूरी बनाकर रखने की आवश्यकता है और अभिभावकों को अपना अधिक से अधिक समय बच्चों के साथ बिताना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अनावश्यक प्रतिस्पर्धा का दबाव बच्चों पर न डालें और विशेष रूप से बच्चियों को सामाजिक जागरूकता देना आज की जरूरत है, ताकि वे सुरक्षित और आत्मनिर्भर बन सकें।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें देखकर सभागार तालियों से गूंज उठा। KG-1 और KG-2 कक्षा के बच्चों ने देशभक्ति थीम और कठपुतली नृत्य के माध्यम से ऐसा समां बांधा कि उपस्थित अभिभावक मंत्रमुग्ध हो गए। बच्चों की मासूम अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास ने यह सिद्ध कर दिया कि स्कूल बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देता है। समारोह में रिटायर्ड कैप्टन भारतीय सेना आर.के. श्रीवास्तव एवं मति शीला राठोड़ को उनके योगदान और व्यावसायिक सफलता के लिए सम्मानित किया गया, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और भी बढ़ गई। मुख्य अतिथि ने भी पूरे कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया और अंत तक उपस्थित रहकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दिल्ली पब्लिक किड्स स्कूल न केवल शिक्षा बल्कि संस्कार, आत्मविश्वास और व्यवहारिक ज्ञान देने में भी अग्रणी है, जिससे वे अपने बच्चों को यहां पढ़ाकर स्वयं को संतुष्ट महसूस करते हैं। अंत में प्राचार्य कुसुम माथुर ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि स्कूल हर वर्ष इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से बच्चों को मंच प्रदान करता है, ताकि वे शिक्षा के साथ-साथ व्यवहारिक और रचनात्मक रूप से भी आगे बढ़ सकें। समारोह का समापन उत्साह, उल्लास और तालियों की गूंज के साथ हुआ।