भोपाल। लगभग तीन वर्ष के लंबे इंतजार के बाद भोपाल शहर कांग्रेस को नई कार्यकारिणी मिल गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की मंजूरी के बाद 52 पदाधिकारियों वाली नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई। हालांकि सूची जारी होते ही संगठन के भीतर असंतोष और गुटबाजी की चर्चाएं तेज हो गईं, जिस पर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के नेतृत्व और संगठनात्मक स्थिति पर तीखा हमला बोला है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस आज भी गुटों और धड़ों में बंटी हुई पार्टी है, जहां प्रत्येक नेता अपनी अलग राजनीतिक लाइन पर चलता दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय की मशक्कत के बाद कार्यकारिणी घोषित की गई, लेकिन सूची सामने आते ही पार्टी के भीतर असंतोष के स्वर उभरने लगे हैं।
डॉ. केसवानी ने कहा कि जिन नेताओं और गुटों को अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिला, उन्होंने खुलकर नाराजगी जतानी शुरू कर दी है। इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस के अंदर की खींचतान समाप्त होने के बजाय और अधिक उजागर हो रही है।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि यह स्थिति संगठनात्मक कमजोरी और नेतृत्व की विफलता को दर्शाती है। उनके अनुसार कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व संगठन को मजबूत करने के बजाय आंतरिक विवादों को नियंत्रित करने में भी असफल साबित हो रहा है, जिसका सीधा असर पार्टी की कार्यप्रणाली पर दिखाई दे रहा है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जिस पार्टी में नई कार्यकारिणी के गठन के साथ ही विरोध और असंतोष सामने आने लगे, वहां संगठनात्मक एकजुटता का दावा वास्तविकता से परे है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने आंतरिक मतभेद दूर करने चाहिए, तभी वह जनता के बीच प्रभावी विपक्ष की भूमिका निभा सकेगी।