भोपाल। कुबेरेश्वर धाम में आगामी 14 फरवरी से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाले रूद्राक्ष महोत्सव की तैयारियों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। महोत्सव के दौरान देश-प्रदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए भोपाल संभागायुक्त संजीव सिंह, आईजी अभय सिंह, डीआईजी राजेश चंदेल, कलेक्टर बालागुरू के., पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा, आयोजन समिति के पदाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ सर्किट हाउस में बैठक कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में प्रशासन एवं आयोजन समिति द्वारा महोत्सव से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं, सुविधाओं, सेवाओं और कार्ययोजना को पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रूद्राक्ष महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुव्यवस्थित संचालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर की गई लापरवाही सीधे श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है, इसलिए सभी विभागों एवं समिति के पदाधिकारियों को समन्वय के साथ जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने आयोजन समिति को पर्याप्त पार्किंग स्थलों की व्यवस्था, स्पष्ट संकेतक लगाने, भोजन व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित वॉलंटियर तैनात करने के निर्देश दिए। आयोजन के दौरान बेहतर समन्वय बनाए रखने के लिए समिति के पदाधिकारियों, वॉलंटियर्स और प्रशासनिक अधिकारियों की नियमित बैठकें आयोजित करने पर भी जोर दिया गया।
यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि मुख्य मार्गों एवं हाईवे पर यातायात सुचारू रखने के लिए प्रभावी डायवर्जन प्लान लागू किया जाए। पार्किंग स्थलों का स्पष्ट चिन्हांकन कर अलग-अलग जोन बनाए जाएं तथा श्रद्धालुओं को पार्किंग से कथा स्थल तक सुरक्षित और सुव्यवस्थित आवागमन की सुविधा सुनिश्चित की जाए। ऑटो एवं अन्य वाहनों के लिए निर्धारित स्टैंड, उचित मार्ग और ढलान व्यवस्था समय रहते पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।
भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कथा स्थल को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित करने के निर्देश दिए गए। पर्याप्त संख्या में वॉलंटियर तैनात कर उन्हें पहचान पत्र उपलब्ध कराने और भीड़ प्रबंधन का प्रशिक्षण देने पर बल दिया गया। अग्नि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फायर ब्रिगेड, अग्निशमन उपकरण और आपातकालीन निकास व्यवस्था पूरी तरह उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए।
पेयजल, स्वच्छता और विद्युत व्यवस्था को लेकर अधिकारियों ने आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था, प्याऊ, टोंटीयुक्त नल कनेक्शन और जल टैंकर लगाने के निर्देश दिए। स्वच्छता के लिए अस्थायी एवं चलित शौचालयों की पर्याप्त संख्या स्थापित कर सफाई कर्मियों की शिफ्टवार ड्यूटी तथा कचरा प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। विद्युत व्यवस्था को सुरक्षित बनाए रखने के लिए सभी कनेक्शनों की जांच, नो-मैन् जोन का पालन और विद्युत विभाग की 24 घंटे सतर्कता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
तकनीकी व्यवस्थाओं के अंतर्गत नेटवर्क कनेक्टिविटी, उद्घोषणा प्रणाली और एलईडी स्क्रीन व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए ताकि श्रद्धालुओं को कथा का स्पष्ट प्रसारण और आवश्यक सूचनाएं समय-समय पर मिलती रहें। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि कथा के दौरान 15 जनवरी से 15 मार्च 2026 तक रूद्राक्ष वितरण पूर्णतः बंद रहेगा। इस संबंध में किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न बने, इसके लिए आयोजन समिति को प्रमुख स्थानों पर स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाने और मीडिया के माध्यम से श्रद्धालुओं तक जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
चिकित्सा व्यवस्थाओं को लेकर आयोजन स्थल पर पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस, प्रशिक्षित चिकित्सकीय स्टाफ, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता और प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए। गंभीर स्थिति में त्वरित उपचार के लिए मिनी आईसीयू और रेफरल व्यवस्था को भी पूरी तरह तैयार रखने को कहा गया।
बैठक के पश्चात संभागायुक्त संजीव सिंह, आईजी अभय सिंह, डीआईजी राजेश चंदेल, कलेक्टर बालागुरू के., पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला एवं कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कथा स्थल, पंडाल क्षेत्र, प्रवेश एवं निकास द्वार, पार्किंग स्थल, भोजनशाला और कंट्रोल रूम सहित समस्त व्यवस्थाओं के लिए चयनित स्थलों का अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।