भोपाल। आज श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का पावन प्रकाश पर्व पूरे श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विशेष दीवान सजाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संगत ने गुरु साहिब के दरबार में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। अनुमानित रूप से करीब 5000 श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से कथा वाचक ज्ञानी कारणवीर सिंह बस्सी तथा रागी जत्था भाई हरदीप सिंह फतेहगढ़ साहिब से पधारे। रागी जत्था भाई हरदीप सिंह ने गुरुवाणी के मधुर शब्दों के माध्यम से गुरु गोबिंद सिंह जी की महिमा का गुणगान किया। उन्होंने ‘तुम हो सब राजन के राजा’ शब्द का भावपूर्ण गायन किया तथा गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा औरंगजेब को लिखे गए ऐतिहासिक पत्र ‘ज़फरनामा’ का गायन कर संगत को भावविभोर कर दिया।
कथा वाचक ज्ञानी कारणवीर सिंह बस्सी ने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के जीवन, इतिहास और शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु साहिब ने समस्त मानवता को एक निशान साहिब के नीचे एकजुट होकर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पहले समाज को बाहरी दुश्मनों से खतरा था, लेकिन आज आपसी वैमनस्य और एक-दूसरे की टांग खींचने की प्रवृत्ति बड़ा खतरा बन गई है। गुरु जी की शिक्षाओं के अनुसार हमें कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहिए और आपसी भाईचारे को मजबूत करना चाहिए।
दीवान के दौरान 26 दिसंबर को साहिबज़ादों की शहादत को समर्पित समागम में भाग लेने वाले बच्चों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। बच्चों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया, जिससे उनमें गुरु परंपरा और इतिहास के प्रति जागरूकता बढ़े। पूरा आयोजन श्रद्धा, सेवा, कीर्तन और गुरु संदेश से ओत-प्रोत रहा, जिसमें संगत ने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।