
भोपाल | ईदगाह हिल्स स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा गुरु नानक टेकरी साहिब में पिछले एक सप्ताह से चल रहे विशेष समर ‘गुरमत शिक्षा कैंप’ का रविवार को बेहद भावपूर्ण और गरिमामयी माहौल में समापन हो गया। 1 जून से शुरू हुए इस सात दिवसीय डे-बोर्डिंग कैंप में भोपाल और आसपास के क्षेत्रों से आए सैकड़ों बच्चों ने अपने गौरवशाली धर्म, इतिहास, गुरबाणी और आत्मरक्षा की पारंपरिक कला ‘गतका’ का गहन व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया। समापन के इस विशेष दीवान में बच्चों के साथ उनके माता-पिता और भारी संख्या में साध-संगत उपस्थित रही।
कैंप के अंतिम दिन की शुरुआत भी गुरुद्वारा साहिब की स्थापित मर्यादा के अनुसार सुबह ठीक 7 बजे हुई। इस दौरान सबसे अद्भुत नजारा तब देखने को मिला जब महज 6 वर्ष के नन्हे बालकों गुरजोत सिंघ और प्रभजोत सिंघ ने स्टेज संभालकर पूरी शुद्धता के साथ नितनेम का पाठ किया। इसके बाद बाल प्रचारक गुरलीन कौर ने अति मनमोहक शबद कीर्तन गायन की सेवा निभाई। सुबह के लंगर अल्पाहार के पश्चात सजे मुख्य दीवान में अमृतसर की शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी SGPC से विशेष रूप से पधारे सचखंड श्री दरबार साहिब के हजूरी रागी भाई सुखप्रीत सिंह ने अपने रागमयी और शास्त्रीय कीर्तन प्रवाह से समूचे पंडाल को निहाल कर दिया।
इस अवसर पर प्रख्यात प्रचारक ज्ञानी बलदेव सिंह ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए अपने सारगर्भित गुरमत विचार साझा किए। उन्होंने बच्चों और उनके अभिभावकों को इस सफल यात्रा के लिए बधाई दी और प्रेरित किया कि कैंप में सीखे गए समय की पाबंदी, दस्तार सजाने की कला, शस्त्र विद्या और नैतिक संस्कारों को केवल यहीं तक सीमित न रखें, बल्कि अपने दैनिक जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाएं।
कैंप के समापन की सबसे खूबसूरत कड़ी पुरस्कार वितरण समारोह रही। कैंप में भाग लेने वाले सभी 150 बच्चों को उनकी लगन के लिए नगद प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त सप्ताहभर चलीं विभिन्न विधाओं जैसे गुरबाणी कंठ कंठस्थ पाठ, रागमयी कीर्तन गायन, गुरु इतिहास ज्ञान, शस्त्र विद्या गतका प्रदर्शन, लेक्चर, कविता पाठ, सेवा भावना और उत्कृष्ट अनुशासन बनाए रखने वाले होनहार बच्चों को विशेष प्रोत्साहन राशि, स्मृति चिह्न और भव्य ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।
आयोजक संस्था गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, गुरुद्वारा नानकसर, हमीदिया रोड भोपाल के अध्यक्ष सरदार परमवीर सिंघ जी ने सफल समापन पर समूह संगत और अमृतसर से आई प्रचारक टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक और डिजिटल युग में जब बच्चे अपनी संस्कृति से दूर हो रहे हैं, ऐसे समय में नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली विरासत से जोड़े रखने के लिए हर वर्ष ऐसे गुरमत शिक्षा कैंपों का आयोजन बेहद अनिवार्य है। कैंप को लेकर बच्चों और माता-पिता में जो उत्साह देखा गया है, उसे देखते हुए कमेटी ने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को और अधिक भव्य रूप में निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया है।