
भोपाल। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत आयोजित विश्व के सबसे बड़े स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 में मध्यप्रदेश एक बार फिर जनभागीदारी के दम पर नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने नागरिकों से अपील की है कि वे क्यूआर कोड स्कैन कर स्वच्छता सर्वेक्षण में अपना फीडबैक दर्ज कराएं, ताकि प्रदेश स्वच्छता रैंकिंग में और मजबूत स्थिति हासिल कर सके।
प्रदेश के 406 नगरीय निकायों में स्वच्छता को लेकर जागरूकता और सहभागिता का स्तर लगातार बढ़ रहा है। इसका प्रमाण यह है कि अब तक 19 लाख से अधिक नागरिकों ने सर्वेक्षण में अपना फीडबैक दर्ज कराया है। आयुक्त श्री भोंडवे ने इसे जन-सहयोग और जागरूकता का सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि यह सहभागिता आगामी रैंकिंग में प्रदेश के शहरों को मजबूती प्रदान करेगी।
उन्होंने बताया कि इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण की मूल्यांकन प्रणाली में बड़ा बदलाव किया गया है। अब ‘नागरिक फीडबैक’ और ‘जन-शिकायत निवारण’ को रैंकिंग का प्रमुख आधार बनाया गया है। यानी शहरों की स्वच्छता का आकलन केवल प्रशासनिक दावों से नहीं, बल्कि आम नागरिकों की संतुष्टि और शिकायतों के समाधान की गति से किया जाएगा। इससे स्वच्छता प्रबंधन को पूरी तरह नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राज्य के सभी नगरों में नई व्यवस्था के अनुसार कार्ययोजना तैयार कर अपशिष्ट प्रबंधन, दृश्य स्वच्छता और नागरिक संवाद पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नगरीय प्रशासन विभाग तकनीक और पारदर्शिता के माध्यम से हर नागरिक को इस अभियान का सक्रिय भागीदार बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
आयुक्त भोंडवे ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सर्वेक्षण से जुड़ें और अपने शहर की स्वच्छता को बेहतर बनाने में योगदान दें, ताकि मध्यप्रदेश स्वच्छता के क्षेत्र में एक बार फिर नया कीर्तिमान स्थापित कर सके।