भोपाल। वंदेमातरम को लेकर उठे राजनीतिक विवाद के बीच मंत्री विश्वास सारंग ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वंदेमातरम राष्ट्र के सम्मान का प्रतीक है और इसे सम्मान देना हर भारतीय का दायित्व है। सारंग ने कहा कि देश की आज़ादी के संघर्ष में अनगिनत क्रांतिकारियों ने वंदेमातरम को अपनी प्रेरणा बनाया और इसी भावना के साथ उन्होंने अपना सर्वस्व राष्ट्र के लिए न्यौछावर किया। मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वंदेमातरम पर आपत्ति जताने वाले लोग गद्दारों की श्रेणी में आते हैं। उन्होंने कहा कि यदि हिंदुस्तान में रहकर वंदेमातरम गाने में परहेज़ है, तो ऐसे लोग पाकिस्तान जाने के बारे में सोचें। यह राष्ट्रगीत किसी धर्म विशेष से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रश्न है। सारंग ने उदाहरण देते हुए कहा कि अब्दुल कलाम और अशफ़ाकउल्ला खान जैसे महान व्यक्तित्वों ने भी वंदेमातरम का सम्मान किया और उसे गर्व से स्वीकारा। मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग चुनावी लाभ के लिए तुष्टीकरण की राजनीति करते हुए धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन देश अब ऐसी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि वंदेमातरम का विरोध देशविरोधी मानसिकता का परिचायक है और जो लोग इसे नहीं गाना चाहते, वे पाकिस्तान की नागरिकता लेने पर विचार करें।
वंदेमातरम को लेकर छिड़ी यह बहस एक बार फिर राजनीतिक माहौल में गर्मी पैदा कर रही है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ होने की संभावना है।