भोपाल |सिख पंथ की महान आदर्श एवं खालसा पंथ की माता, माता साहिब कौर जी का पावन जन्म दिवस रविवार को गुरुद्वारा माता साहिब कौर, पुल बोगदा (भोपाल) में अत्यंत श्रद्धा, अपार उत्साह और प्रेमभाव के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर भोपाल शहर के विभिन्न 17 गुरुद्वारों से पधारी स्त्री सत्संग की बीबियों ने सुमधुर गुरबाणी कीर्तन गायन कर उपस्थित संगत को गुरु चरणों और भक्ति रस से सराबोर कर दिया।

नारी शक्ति और समर्पण की अनोखी मिसाल:
इस पूरे धार्मिक समागम की सबसे अनूठी और विशेष बात यह रही कि कार्यक्रम के मंच संचालन से लेकर हुक्मनामा साहिब, गुरु का लंगर तैयार करने और उसे संगत में वितरित करने तक की समस्त सेवा-व्यवस्था स्त्री सत्संग की बीबियों द्वारा पूरी श्रद्धा, अनुशासन एवं समर्पण भाव से निभाई गई। इस आयोजन ने स्त्री सत्संग की सामूहिक शक्ति, सेवा भावना और धार्मिक एकता की एक अनूठी मिसाल कायम की।
डॉ. चरणजीत कौर ने माता साहिब कौर जी के जीवन पर डाला प्रकाश:
विशेष कार्यक्रम के दौरान डॉ. चरणजीत कौर ने माता साहिब कौर जी के पावन जीवन, उनके त्याग, समर्पण, धार्मिक निष्ठा एवं सिख इतिहास में उनके अतुलनीय योगदान पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने संगत को माता साहिब कौर जी के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए गुरमत सिद्धांतों पर चलने तथा समाज में सेवा, सिमरन और त्याग की भावना को आत्मसात करने का संदेश दिया।
गुरबाणी कीर्तन से भक्तिमय हुआ माहौल, बरताया गया अटूट लंगर:
गुरबाणी के रसमय कीर्तन और माता साहिब कौर जी के जीवन दर्शन से पूरा गुरुद्वारा परिसर भक्तिमय वातावरण से ओत-प्रोत हो गया। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने सिर झुकाकर गुरु घर की खुशियाँ और आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के समापन पर गुरु का अटूट लंगर बरताया गया, जहाँ सभी श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर लंगर छका और गुरु साहिब का मेहरभरा आशीर्वाद प्राप्त किया।