भोपाल। राजधानी में मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए बागसेवनिया थाना पुलिस ने एम्स अस्पताल के गेट नंबर-3 के पास लावारिस हालत में बैठी एक महिला और उसकी तीन बच्चियों को सुरक्षित आश्रय दिलाया। मंगलवार दोपहर प्राप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और महिला सहित बच्चों को वन स्टॉप सेंटर ‘गौरवी’ में दाखिल कराया।
डायल-112 के माध्यम से मिली सूचना के अनुसार एक महिला अपनी तीन बच्चियों के साथ बेसहारा अवस्था में एम्स के बाहर बैठी थी। सूचना मिलते ही ऊर्जा डेस्क प्रभारी एएसआई सोनिया पटेल ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और टीम के साथ मौके पर पहुंचकर महिला से पूछताछ की। महिला ने अपना नाम रीना (परिवर्तित नाम) बताया और कहा कि उसका कोई स्थायी निवास नहीं है तथा पारिवारिक परिस्थितियों के चलते वह बच्चों के साथ असहाय स्थिति में है।
पुलिस ने तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए महिला और उसकी तीनों बच्चियों—जिनकी उम्र लगभग 4 वर्ष, 2 वर्ष और 2 माह है—को अपने संरक्षण में लिया। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) और 181 महिला हेल्पलाइन को सूचित कर समन्वय स्थापित किया गया। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए महिला और बच्चों को वन स्टॉप सेंटर ‘गौरवी’ में सुरक्षित दाखिल कराया गया।
आगे की प्रक्रिया के तहत महिला और बच्चों का जेपी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण भी कराया गया। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी संबंधित विभागों को उपलब्ध कराते हुए आगे की वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
इस सराहनीय कार्य में ऊर्जा डेस्क प्रभारी एएसआई सोनिया पटेल, एएसआई बृजेश साहू (डायल-112) एवं महिला आरक्षक मधु की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम की इस त्वरित और मानवीय कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना की जा रही है, जिसने संकट में घिरी महिला और मासूम बच्चियों को समय रहते सुरक्षित सहारा प्रदान किया।