भोपाल। राजधानी में परमाली वालेस प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े कथित निर्देशों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। अखिल भारतीय संत समिति के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष महंत अनिलानंद की उपस्थिति में संस्कृति बचाओ मंच के संस्थापक एवं हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी तथा महामंत्री बालिस्ता रावत के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान प्रतिभागियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इस दौरान मंत्रोच्चार करते हुए कुछ कर्मचारियों को तिलक लगाया गया और कलावा बांधा गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कंपनी में कर्मचारियों के धार्मिक प्रतीकों और पारंपरिक आभूषणों को लेकर कथित रूप से जारी निर्देशों की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
प्रदर्शन में शामिल प्रतिनिधियों ने कहा कि देश की सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक आस्थाओं का सम्मान बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की।
महंत अनिलानंद ने कहा कि भारत विविध परंपराओं और आस्थाओं वाला देश है, जहां सभी को अपने धार्मिक प्रतीकों के साथ रहने की स्वतंत्रता है। वहीं चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि इस तरह के मामलों में स्पष्टता आवश्यक है, ताकि किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत न हों। बालिस्ता रावत ने बताया कि कंपनी प्रबंधन की ओर से कार्यस्थल से जुड़े कुछ दिशा-निर्देशों की बात कही गई है, जिनकी जांच होना आवश्यक है।
कार्यक्रम में छोटेलाल गिरी, रामस्वरूप राजपूत, ऋषभ विश्वकर्मा, निलेश सिंह राजपूत, प्रकाश मालवीय, हर्षवर्धन चौकसे, वीरेंद्र दुबे, अमित भार्गव, सुनीता श्रीवास्तव सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ता एवं संतगण उपस्थित रहे।
वहीं, कंपनी प्रबंधन की ओर से पूर्व में यह कहा गया है कि कर्मचारियों के लिए जारी निर्देश कार्यस्थल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाए गए थे। फिलहाल मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।