‘Infinite Knowledge Across Eras’ विषय पर यूआईटी, बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में हुआ आयोजन
भोपाल। यूआईटी, बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल के गणित विभाग द्वारा पीएम-यूषा योजना के अंतर्गत “भारतीय ज्ञान प्रणाली – Infinite Knowledge Across Eras” विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला (10-11 फरवरी 2026) सफलतापूर्वक संपन्न हुई। कार्यशाला में विभिन्न विषयों से लगभग 125 प्रतिभागियों, जिनमें मुख्यतः फैकल्टी सदस्य, पीएचडी शोधार्थी एवं स्नातकोत्तर छात्र शामिल थे, ने सहभागिता की।
कार्यशाला का शुभारंभ रजिस्ट्रार प्रो. समर बहादुर सिंह ने किया। उन्होंने भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा एआईसीटीई के आईकेएस सेल के माध्यम से प्रशासनिक स्तर पर इसे व्यापक रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। इस अवसर पर यूआईटी-बीयू के निदेशक प्रो. नीरज गौर एवं प्रो. रागिनी गोथलवाल उपस्थित रहीं। गणित विभागाध्यक्ष डॉ. गरिमा सिंह ने पंजीकृत प्रतिभागियों की जानकारी देते हुए सभी का स्वागत किया और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
विभिन्न तकनीकी सत्रों में आईआईटी, एनआईटीटीटीआर, आरजीपीवी सहित प्रतिष्ठित संस्थानों से आए वक्ताओं ने व्याख्यान दिए। सत्रों में भारतीय ज्ञान प्रणाली के अंतरानुशासनिक अनुप्रयोगों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें आलोचनात्मक चिंतन, शोध अभिमुखता और समग्र शिक्षा को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया गया।
द्वितीय दिवस पर आयोजित समापन सत्र में ज्ञान जिज्ञासा क्विज़, पोस्टर निर्माण एवं रंगोली प्रतियोगिताओं के विजेताओं को कुल 15 पुरस्कार प्रदान किए गए। कुलपति प्रो. एस.के. जैन ने पुरस्कार वितरित करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली हमारी प्राचीन परंपरा को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने का सशक्त माध्यम है, जो विद्यार्थियों के समग्र विकास में सहायक सिद्ध होगी।
समापन अवसर पर प्रो. नीरज गौर ने कार्यशाला का सार प्रस्तुत करते हुए इसे अत्यंत सफल बताया। पीएम-यूषा नोडल अधिकारी प्रो. विपिन व्यास ने आईकेएस से जुड़े विविध आयामों पर प्रकाश डाला। गणित विभागाध्यक्ष डॉ. गरिमा सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए पुरस्कार विजेताओं की घोषणा की।
पोस्टर प्रतियोगिता में सागर गौतम (एमएससी केमिस्ट्री) को प्रथम, विकी कुशवाहा (बी फार्मा) को द्वितीय तथा ओजस तिवारी (एमएससी मैथ्स) को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। सांत्वना पुरस्कार आसना सेन एवं कहकशा बानो को मिले। रंगोली प्रतियोगिता में संजना गुर्जर एवं विक्की कुशवाहा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि सागर गौतम एवं विजय विश्वकर्मा द्वितीय तथा सतीश मीणा एवं अंजलि ने तृतीय स्थान हासिल किया। सांत्वना पुरस्कार दीपाली चतुर्वेदी एवं एकता गुप्ता को प्रदान किए गए।
कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों ने भारतीय ज्ञान प्रणाली के अध्ययन और अनुसंधान को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। आयोजन ने आलोचनात्मक चिंतन, शोध अभिमुखता और अंतरानुशासनिक शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।