
भोपाल | ईदगाह हिल्स स्थित भोपाल के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान सेंट जोसेफ कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल (SJC) में शनिवार को वर्ष 2026-27 की नवनियुक्त छात्र संसद के लिए दीक्षांत एवं शपथ ग्रहण समारोह अत्यंत भव्यता और गरिमामयी वातावरण में आयोजित किया गया। इस वर्ष समारोह का मुख्य विषय “श्रेष्ठता के लिए सद्गुणों की विरासत का निर्माण” (Creating a Legacy of Virtues for Excellence) रखा गया था, जो स्कूल के मूल आदर्श वाक्य ‘केवल गुण ही श्रेष्ठ बनाता है’ को चरितार्थ कर रहा था।
शानदार जनरल सैल्यूट से हुआ मुख्य अतिथि का स्वागत
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के कमांडेंट अतुल भनोत्रा उपस्थित रहे, जो वर्तमान में भोपाल के राजा भोज हवाई अड्डे पर सीआईएसएफ इकाई की कमान संभाल रहे हैं। स्कूल परिसर आगमन पर विद्यालय के सुसज्जित बैंड द्वारा मुख्य अतिथि को ‘जनरल सैल्यूट’ (सामान्य सलामी) दिया गया। इसके पश्चात एनसीसी (NCC) कैडेट्स और प्रधानाचार्या डॉ. सिस्टर लिली की अगुवाई में उन्हें सम्मानपूर्वक सभागार तक लाया गया, जहां सकारात्मकता और पर्यावरण संरक्षण के प्रतीक के रूप में उन्हें एक पौधा भेंट किया गया।
प्रार्थना नृत्य और चक्र अर्पण से मांगा ईश्वर का आशीर्वाद
सेंट जोसेफ की गौरवशाली परंपरा के अनुसार कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसके बाद भक्ति भजन ‘ईश वचन से तेरे, ओ पालनहारे मेरे’ पर छात्राओं ने अत्यंत मनमोहक प्रार्थना नृत्य प्रस्तुत किया। विशेष प्रार्थना सभा में ईश्वर के चरणों में सत्य, सहानुभूति, आपसी सम्मान, न्याय और एकता की विरासत के प्रतीकात्मक चक्र अर्पित कर सभी के लिए साहस के मार्ग पर चलने की कामना की गई। इस सभा का समापन स्कूल के कॉयर (गायक दल) द्वारा गाए गए मधुर थीम गीत ‘चलो आसमाँ की ओर’ के साथ हुआ।
सद्गुण ही इंसान को श्रेष्ठ बनाते हैं — डॉ. सिस्टर लिली
स्कूल पार्लियामेंट की अध्यक्ष व प्रधानाचार्या डॉ. सिस्टर लिली ने अपने मुख्य भाषण में छात्र-नेताओं को बधाई देते हुए कहा, “ये पद छात्रों को केवल अधिकार नहीं, बल्कि नेतृत्व की गंभीर जिम्मेदारी सौंपते हैं। सच्ची श्रेष्ठता हमारी केवल शैक्षणिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उन सद्गुणों से मापी जाती है जिन्हें हम अपने व्यावहारिक जीवन में जीते हैं।” उन्होंने विद्यालय में एक ऐसा समावेशी वातावरण बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई जहां हर बच्चा खुद को मूल्यवान महसूस करे।
नेतृत्व पद केवल प्रतीक नहीं, बल्कि अटूट विश्वास है — कमांडेंट भनोत्रा
मुख्य अतिथि अतुल भनोत्रा ने अपने संबोधन में एक बेहद भावुक और आत्मीय पहलू साझा करते हुए कहा कि वह यहाँ न केवल एक मुख्य अतिथि के रूप में, बल्कि एक गौरवान्वित अभिभावक (पैरेंट) के रूप में भी उपस्थित हैं, क्योंकि उनकी सुपुत्री इसी विद्यालय की छात्रा है। अपनी यूपीएससी (UPSC) यात्रा और सीआईएसएफ के अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने छात्र संसद से कहा, “कोई पद संभालना केवल प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि यह लोगों द्वारा आप पर जताए गए भरोसे की परीक्षा है। अधिकार पाना आसान है, लेकिन उसे बनाए रखना कठिन है। आज भारत को केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता की ही नहीं, बल्कि ईमानदारी, चरित्र और नैतिक रूप से सच्चे लोगों की आवश्यकता है।”

सौम्या बनीं प्रधानमंत्री और लावन्या उप-प्रधानमंत्री
औपचारिक कार्यवाही के तहत खेल अधिकारी रवदीप सिंह मल्हारी और अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में नवनियुक्त पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण हुआ। वर्ष 2026-27 के लिए सौम्या गुप्ता ने प्रधानमंत्री और लावन्या जैन ने उप-प्रधानमंत्री के रूप में पद की शपथ ली। इसके साथ ही नवनियुक्त कैबिनेट मंत्रियों, उप-कैबिनेट मंत्रियों और चारों सदनों (नेहरू, गांधी, तिलक, टैगोर) के कप्तानों व उप-कप्तानों ने निष्ठापूर्वक अपने कर्तव्यों के निर्वहन का संकल्प लिया और अपने-अपने सैश, बैच व झंडे प्राप्त किए। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्या द्वारा मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट किया गया। नवनियुक्त प्रधानमंत्री सौम्या गुप्ता ने आभार व्यक्त किया और स्कूल बैंड द्वारा बजाए गए राष्ट्रगान के साथ समारोह का भव्य समापन हुआ।