मानवता और संवेदना: एम्स परिसर में मां की मौत के बाद 3 मासूम बेटियों का सहारा बनी बागसेवनिया पुलिस; एएसआई सोनिया पटेल ने कराया ‘मातृछाया’ में पुनर्वास

विशेष रिपोर्ट — सुखदेव सिंह, RE Samachar

भोपाल | 23 सितंबर, 2026

​राजधानी भोपाल में कानून-व्यवस्था की ड्यूटी से आगे बढ़कर खाकी का एक ऐसा संवेदनशील और मानवीय चेहरा सामने आया है, जिसने समाज में पुलिस के प्रति विश्वास को और गहरा कर दिया है। आर्थिक तंगी, बीमारी और बेबसी से जूझ रहे एक बेसहारा परिवार पर जब दुखों का पहाड़ टूटा, तो बागसेवनिया थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक (ASI) सोनिया पटेल ने देवदूत बनकर न केवल मृतका का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया, बल्कि उसकी तीन मासूम और असहाय बेटियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य परीक्षण और पुनर्वास की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई।

 

 

​एम्स परिसर में जीवन यापन कर रहा था परिवार, बीमारी से हुई मां की मौत:

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आर्थिक स्थिति अत्यंत खराब होने और पति सुरजीत सिंह के नशे का आदी होने के कारण 32 वर्षीय अमनदीप कौर अपने परिवार के साथ जीवन यापन के लिए भोपाल एम्स अस्पताल परिसर में रहने को मजबूर थी। महिला गंभीर बीमारी से ग्रसित थी और उसका उपचार एम्स परिसर स्थित करुणाधाम में चल रहा था। 22 सितंबर 2026 को इलाज के दौरान अमनदीप कौर की मौत हो गई। मां की मौत के बाद उसके पीछे 6 माह, 3 साल और 5 साल की तीन मासूम बेटियां बेसहारा छूट गईं, जो इतनी कम उम्र में मां को खोने का दर्द समझने की स्थिति में भी नहीं थीं।

 


​सुहाग के श्रृंगार से विश्राम घाट तक संभाली बागडोर:

पत्नी की मौत के बाद बेबस और साधनहीन पति सुरजीत सिंह के सामने अंतिम संस्कार तक का संकट खड़ा हो गया था। इस हृदयविदारक स्थिति को देखते हुए एएसआई सोनिया पटेल ने तत्काल मानवीय पहल की। उन्होंने अपनी ओर से मृतका के सुहाग से जुड़े आवश्यक श्रृंगार व क्रियाकर्म की संपूर्ण सामग्री की व्यवस्था कराई और पति को साथ लेकर विश्राम घाट पहुँचीं, जहाँ हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार मृतका का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया।

बाल कल्याण समिति के माध्यम से ‘मातृछाया’ में कराया सुरक्षित पुनर्वास:

पुलिस की संवेदनशीलता केवल अंतिम संस्कार तक सीमित नहीं रही। मां की मौत के बाद बेसहारा हुई तीनों मासूम बच्चियों का सबसे पहले डॉक्टरी स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया और उनके भोजन व देखरेख की व्यवस्था की गई। इसके बाद बच्चियों के सुरक्षित भविष्य और पालन-पोषण को ध्यान में रखते हुए एएसआई सोनिया पटेल ने पिता सुरजीत सिंह को साथ लेकर जिला भोपाल की बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष मामला प्रस्तुत किया। समिति से विधिवत आदेश प्राप्त कर तीनों मासूमों को पुनर्वास के लिए भोपाल की प्रतिष्ठित संस्था ‘मातृछाया’ में सुरक्षित रखवाया गया।

मई 2026 में भी पुलिस ने किया था रेस्क्यू:

उल्लेखनीय है कि मृतका के दस्तावेजों में गोविंदपुरा के बरखेड़ा पठानी ई-सेक्टर का पता दर्ज था, लेकिन पति की लत और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण वे वहां नहीं रह पा रहे थे। इसके पूर्व मई 2026 में भी एएसआई सोनिया पटेल ने अमनदीप कौर और उसकी बच्चियों को विषम परिस्थितियों से रेस्क्यू कर उपचार की व्यवस्था कराई थी। एसआई गंगाराम वर्मा, एएसआई सोनिया पटेल और सोशल वर्कर सुनैना चंदेल की इस निस्वार्थ सेवा और तत्परता की संपूर्ण पुलिस महकमे और राजधानी के आम नागरिकों द्वारा जमकर सराहना की जा रही है।

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