भौंरी पुलिस अकादमी में 48 उप पुलिस अधीक्षकों की दीक्षांत परेड, 20 महिला अधिकारी भी पास आउट; 12 करोड़ की लागत से बनेगा ऑडिटोरियम
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवा पुलिस अधिकारियों से कहा है कि वे सोशल मीडिया पर रील बनाने से ज्यादा वास्तविक समस्याओं के समाधान पर ध्यान दें। सोशल मीडिया का उपयोग आम नागरिकों की सहायता और उनकी समस्याएं सुलझाने के लिए करें। गरीबों, महिलाओं और बच्चों की मदद के लिए पुलिस अधिकारी देवदूत की तरह कार्य करें, ताकि समाज के हर वर्ग में उनके प्रति सम्मान और विश्वास बना रहे। मुख्यमंत्री मंगलवार को मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भौंरी में 44वें और 45वें बैच के उप पुलिस अधीक्षकों के दीक्षांत परेड समारोह को संबोधित कर रहे थे।
समारोह में प्रशिक्षण पूरा करने वाले 48 उप पुलिस अधीक्षकों ने परेड में हिस्सा लिया, जिनमें 20 महिला अधिकारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने परेड की सलामी ली और निरीक्षण किया। प्रशिक्षु अधिकारियों को शपथ दिलाई गई तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कृत किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद इन अधिकारियों के कंधों पर प्रदेश की सुरक्षा और नागरिकों की सेवा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्हें आधुनिक तकनीक के साथ बदलती अपराध चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने पहले चंबल और रीवा अंचल में दस्यु समस्या का उन्मूलन किया और इसके बाद नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में सफलता हासिल कर प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से शराब माफिया और अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ निडरता से प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को वर्ष 2029 तक नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है और इसे हासिल करने में पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने बलिदानी पुलिसकर्मियों के योगदान और साहस को याद करते हुए कहा कि राज्य सरकार उनके बलिदान को सदैव स्मरण रखेगी।
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में भर्ती और पदोन्नति का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले तीन वर्षों में 17 हजार 710 पदों पर भर्ती की गई है, जबकि कुल 22 हजार 500 पदों पर भर्ती का लक्ष्य रखा गया है। नक्सल विरोधी अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 60 से अधिक पुलिसकर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन भी दिया गया है। उन्होंने पुलिस अकादमी भौंरी में 12 करोड़ रुपये की लागत से ऑडिटोरियम बनाने, विद्युत सब स्टेशन स्थापित करने और एक किलोमीटर लंबी एप्रोच रोड के निर्माण की घोषणा की।
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी ताकत वर्दी, अधिकार या संसाधन नहीं, बल्कि जनता का विश्वास है। यह विश्वास निष्पक्षता और न्यायपूर्ण कार्रवाई से अर्जित होता है। उन्होंने बताया कि इस बैच के 48 अधिकारियों में 20 महिलाएं हैं। पहली बार रेडियो संवर्ग के डीएसपी स्तर के अधिकारियों को भी प्रशिक्षण दिया गया है, जो पुलिस की तकनीकी क्षमता और साइबर अपराधों से मुकाबले को मजबूती देंगे। प्रशिक्षु अधिकारियों में 22 इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से हैं। उन्होंने साइबर अपराधों से निपटने के लिए तकनीकी क्षमता बढ़ाने, नागरिकों को जागरूक करने और नशे के विरुद्ध अभियान को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।